भारतीय संविधान का विकास कैसे हुआ ।

भारतीय  संविधान का विकास संविधान सभा द्वारा 26 नबम्बर 1949 को  पारित हुआ तथा 26 जनबरी 1950 से  लागु हुआ ।

भारतीय संविधान का निर्माण किसी निश्चित समय पर नहीं हुआ, वरन् यह क्रमिक विकास का परिणाम है, जो ब्रिटिश शासन के दौरान धीमी गति से हुआ।

भारतीय संविधान का विकास के इतिहास को हम दो भागों विभक्त कर सकते हैं 1. ईस्ट इण्डिया कम्पनी के शासन के अन्तर्गत । 2. ब्रिटेन की सरकार (क्राउन) के शासन के अन्तर्गत ।

संवैधानिक विकास ईस्ट इण्डिया कम्पनी के अन्तर्गत – रेग्यूलेटिंग एक्ट –  1773 – पिट्स इण्डिया एक्ट –  1784 – चार्टर एक्ट  –  1793 – चार्टर एक्ट –  1813 – चार्टर एक्ट – 1833 – चार्टर एक्ट – 1853

संवैधानिक विकास ब्रिटिश क्राउन के अन्तर्गत – भारत शासन अधिनियम  – 1858 – भारत परिषद अधिनियम – 1861 – भारत परिषद अधिनियम – 1892 – भारत परिषद अधिनियम – 1909

– भारत परिषद अधिनियम – 1919 – भारत परिषद अधिनियम – 1935 – भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम – 1947

क्रिप्स मिशन22 मार्च, 1942 को क्रिप्स मिशन (Cripps Mission) भारत आया। यह एक सदस्यीय आयोग था, जो सर स्टैफोर्ड क्रिप्स (Sir.Stefford Cripps) के नेतृत्व में ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजा गया था

वेवेल योजना, 1945 – अक्टूबर, 1943 ई. में लॉर्ड लिनलिथगो (Lord Linlithgow) स्थान पर लॉर्ड वेवेल भारत के गवर्नर जनरल बनकर आए। लॉर्ड वेवेल ने भारत में संवैधानिक गतिरोध दूर करने एवं अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए 4 जून, 1945 को एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की, जिसे वेवेल योजना कहा जाता है।

शिमला सम्मेलन125 जून से 14 जुलाई, 1945 ई. के मध्य (शिमला में एक सर्वदलीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

कैबिनेट मिशन, 1946 – ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर क्लीमेंट एटली (लेबर पार्टी) 1 जनवरी, 1946 ई. को भारत में चल रहे राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए एक उच्च स्तरीय कैबिनेट मिशन (Cabinet Mission) भेजने का निर्णय लिया।